50% टैक्स पेनल्टी के प्रावधान से टूट जायेगा काला धन रखने वालों का कमर

Income Tax Amendment Bill: Pay 50% tax on unaccounted deposits

Income Tax Amendment Bill: Pay 50% tax on unaccounted depositsइस साल जब भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली 2016 के अपने बजट में इनकम टैक्स एक्ट में दो नए अधिनियम जोड़े थे। इस अधिनियमों के अंतर्गत अगर कोई व्यक्ति अपनी इनकम को अंडर रिपोर्ट करता है तो उस पर 50% टैक्स पेनल्टी का प्रावधान रखा गया था। यानी 30% टैक्स के साथ 50% पेनल्टी, और अगर कोई व्यक्ति मिस रिपोर्ट करता है तो यही पेनाल्टी 200% की हो जायेगी, यानी टोटल 90%। जब मोदी सरकार ने विमुद्रीकरण किया तब उन्होंने इसी 200% टैक्स पेनाल्टी का जिक्र भी किया था। मोदी सरकार के विमुद्रीकरण में काला-धन रखने वालों के साथ सरकार की इस चूहे बिल्ली के खेल में पीएम मोदी ने एक और चाल चलते एक नयी एमनेस्टी स्कीम प्रस्तुत की। जिसमे इफेक्टिव टैक्स को 50% रह गया जिससे सरकार विरोधी ताकतों के बीच हंगामा मच गया। जो जो मोदी सरकार के एक और मास्टर स्ट्रोक को नहीं समझ पारे वो मोदी सरकार के विरोध में आ गए और सरकार पर धोखे का इल्जाम लगाने लगे। लेकिन एमनेस्टी स्कीम भी विमुद्रीकरण की तरह सरकार का एक और मास्टर स्ट्रोक है। यह कोई धोखा नहीं है, बल्कि जो तात्कालिक इनकम टैक्स कानून का लूपहोल है, उसी को बंद किया गया है। जबकि सरकार विरोधी इसे मुद्दा बना कर आमा जनता को भड़काने के काम में लगी हुई है।

रिजर्व बैंक के अनुसार विमुद्रीकरण के कारण बैंक में करीब साढ़े आठ लाख करोड़ रुपया जमा हो चुका है। साथ में जनधन अकाउंट में भी भारी पैसा जमा हुआ है। इससे यह निश्चित हो गया की विमुद्रीकरण के कारण काफी बड़ी मात्रा में काला धन बाहर आ गया है। कांग्रेस के ज़माने में इनकम टैक्स नियम काफी पुराना हो चुका था किसी अघोषित ताकत के कारण उसमे तमाम तरह के लूपहोल छोड़े गए थे। जिस तरह से अंडर रिपोर्टिंग और मिस रिपोर्टिंग का जिक्र किया गया है, वैसे ही एक और प्रावधान था, अन एक्सप्लेंड इनकम का और यही सबसे बड़ा लूपहोल था। चूँकि अभी फाइनेंशियल ईयर चल रहा है और कोई व्यक्ति अपना काला धन बैंक में जमा करता था और उसमें उसके इनकम टैक्स रिटर्न में उस पैसे को अगर अन एक्सप्लेंड इनकम में शो करता था तो उस पर सिर्फ 30% टैक्स और ऊपर से 3% सरचार्ज लगता था। अगर व्यक्ति इस इनकम को करंट ईयर में हुई आय घोषित करेगा और चूँकि कोई मिस रिपोर्ट या अंडर रिपोर्ट नहीं है तो उस पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगा। सरकार इसी लूपहोल को बंद करने के लिये एक नया एमेंडमेंट लेकर आयी है।

इसी कारण से संसद में एक नया मनी बिल पेश हुआ , जिसमे सरकार ने एक नयी एमनेस्टी स्कीम घोषित की थी। इस स्कीम के अनुसार अगर अन एक्सप्लेंड इनकम है तो उस पर कुल 50% टैक्स लगेगा और अतिरिक्त 25% और यह पैसा 4 साल बैंक में जमा हो जायेगा बिना ब्याज के मतलब सरकार बिना किसी ब्याज के इस पैसे को 4 साल के लिये फ्रिज कर देगी। वर्ना अंडर रिपोर्ट के लिए 75% और मिस रिपोर्ट के लिए 82% का प्रावधान है। जो लोग अपनी रकम इस एमनेस्टी में घोषीत करेंगे। अपनी आय का श्रोत बताएँगे, अगले साल से उन्हें अपनी बढ़ी रकम पर ही टैक्स देना होगा। मसलन कोई व्यक्ति आज 2 करोड़ की आय बता रहा था और एमनेस्टी स्कीम में 5 करोड़ बताता है, तो उसे अगले साल 5 करोड़ से ज्यादा पर ही टैक्स देना होगा। इस बदलाव से टैक्स बेस बढ़ेगा और आने वाले सालों में ज्यादा टैक्स की वसूली होगा।